मेरा नाम राजीव कुमार सिंह है, लेकिन दुनिया मुझे राजीव तलवार के नाम से जानती है। मैंने आज़मगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से 1995 में बीए किया है। मैं एक किसान हूँ और सालों तक मैंने एक शिक्षक के रूप में काम किया।
मैंने अपना स्कूल चलाया, कोचिंग चलाई, लेकिन अंत में मुझे समझ आ गया कि इस देश का शिक्षा तंत्र सड़ा हुआ है। हमारे स्कूल और शिक्षक बच्चों को 'रोबोट' और 'गुलाम' बना रहे हैं। कोई भी गलत के खिलाफ बोलना नहीं सिखाता। इसीलिए मैंने स्कूल बंद कर दिया और सड़क पर उतर आया।
लोग कहते हैं मैं पत्रकार हूँ, लेकिन मैं पत्रकार नहीं हूँ। मैं समाज को आईना दिखाने वाला एक मजदूर हूँ। मेरे हाथ में मोबाइल है और यह मोबाइल मेरा सुदर्शन चक्र है।
मैं कई बार जेल गया हूँ। क्यों? यह मुझे आज तक किसी अधिकारी ने नहीं बताया। मैं अधिकारियों, नेताओं और भ्रष्ट व्यवस्था से आँख में आँख डालकर सवाल पूछता हूँ, इसीलिए उन्हें मैं खटकता हूँ।
"मुझे भीड़ नहीं चाहिए, मुझे सिर्फ 500 मर्द चाहिए।
अगर 500 असली मर्द मिल गए जो मेरा साथ दे सकें,
तो अमिताभ, शाहरुख, सलमान, मोदी, मुलायम, मायावती...
सब फेल हो जाएंगे।
हम इस देश में वो बदलाव लाएंगे जो आज तक नहीं हुआ।"
(नोट: औरतें भी मर्द हो सकती हैं अगर उनमें दम है तो।)
सांसद, विधायक बनने में वो बात नहीं है। राजीव तलवार 2027 में राष्ट्रपति का चुनाव लड़ेगा। यह देश नेताओं के बाप की जागीर नहीं है।
"अगर मैं मनोरंजन करता तो टिकट लगता, मैं जगा रहा हूँ तो मजदूरी लगती है।"
मैं इस धरती का सबसे अनोखा मजदूर हूँ। मैं धूप में, बरसात में, जेल में रहकर तुम्हारे लिए लड़ रहा हूँ। अगर तुम मुझे महीने का 10 रुपये या 100 रुपये भी नहीं दे सकते, तो तुम मर्द नहीं हो, तुम गद्दार हो।
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*जो मजदूरी नहीं देगा, वो वीडियो देखना बंद करे। मुफ्तखोरों की जरूरत नहीं है।
शिक्षा पर: "विद्यार्थी के लिए सबसे जरूरी क्या है? स्कूल जाना नहीं, गलत का विरोध करना। आज का शिक्षक लालची और कायर है।"
गाली पर: "गाली मेरा हथियार है। यह मिर्जापुर वेब सीरीज से ज्यादा अश्लील नहीं है। यह मेरे आक्रोश की भाषा है।"
जनता पर: "जनता ही सबसे बड़ी मूर्ख है। उसे अपनी ताकत का अंदाजा नहीं है। वो उल्लू है, इसलिए चैनल का नाम उल्लू टीवी है।"
धर्म पर: "ना हिंदू, ना मुसलमान... हम हैं बेईमान। जिस दिन गुलामी छोड़ दोगे, उस दिन धर्म समझ में आएगा।"